Mughal Harem: मुगल हरम में होते थे ऐसे खेल, बादशाह जमकर उठाते थे लुत्फ, यहां जानें

Mughal Haram History: आज से सैकड़ों साल पहले भारत पर मुग़ल बादशाहो की हुकूमत हुआ करती थीं। जिसमे औरतों के रहने के लिए अलग से महल हुआ करते थे, जिनको शाही हरम कहा जाता था। इस जगह को रानियां अपने सहुलियत के हिसाब से चलाती थीं। इसके कुछ नियम-कायदे हुआ करते थे, जिसपे रानियों का पूरा कण्ट्रोल हुआ करता था।

मुग़ल बादशाह अकसर युद्ध और साम्राज्य के कामों में व्यस्त रहा करते थे। लेकिन वक्त मिलने पर मुग़ल बादशाह अधिकतर शाही हरम में ही नजर आते थे। मुगल हरम में अकसर दावतों और पार्टियों के दौर चला करते थे। मुगल रानियां और बादशाह बागवानी के बहुत शौकीन हुआ करते थे। बगीचों को संवारने और देखभाल करने में उनका काफी वक्त बीतता था।

यह भी पढ़े – Free Ration Scheme: पीएम मोदी का 80 करोड़ लोगों को दिवाली का तोहफा, 5 साल तक फ्री में मिलेगा राशन

खेले जाते थे ऐसे खेल

शाही हरम में मुगल बादशाहों का एक पसंदीदा खेल होता था जिसे पाशबंदी खा जाता था। इस खेल में दो टीमें खेलती थीं, जिनको एक-दूसरे के खिलाफ जीतना होता था। मूर्तियों से बने घोड़ों का इस्तेमाल करके इस खेल को खेला जाता था। यह बादशाह अकबर को बेहद प्रिय खेल था।

WhatsApp Group Join Now
Mughal Haram History

यह ऐसा खेल है, जिसको आज भी कई राजा खेलते हैं। हालांकि अब इसमें कुछ ही जगह महिलाएं इसमें हिस्सेदारी लेती हैं। महिलाएं हरम में और किस तरह के खेल खेलती थीं, इस बारे में अधिक जानकारी तो नहीं है। लेकिन इतिहासकारों की मानें तो अकबर की रानी जोधाबाई को शिकार का बहुत शौक था। मुगल हरम में कुश्ती, ताश, बैकगैमौन जैसे खेल भी खेले जाते थे। मुग़ल बादशाह को तीर चलाना और सांपों से खेलना भी अच्छा लगता था।

अकबर के राज में थी ऐसी व्यवस्था

मुग़ल बादशाह अकबर पहला ऐसा मुगल बादशाह था, जिसके शासनकाल में रानियों और महिलाओं के मनोरंजन के लिए अलग से महल बनवाए गए थे। यहां महिलाएं नृत्य, बागवानी, कविताएं पढ़ने के अलावा जश्न मनाने जैसे आयोजन कर सकती थीं।

शाही हरम में सिर्फ बादशाह ही आ जा सकते थे। मुगल शहजादों को भी इसके हर हिस्से तक जाने की इजाजत नहीं होती थी वे केवल इसके कुछ हिस्सों महि जा सकते थे। शाही हरम में दैनिक जीवन के हिस्से के तौर पर महिलाओं को खेल खेलने की इजाजत नहीं होती थी। लेकिन कुछ खेल ऐसे होते थे, जिनको महिलाएं खास कारणों से मनोरंजन के लिए खेला करती थीं।

यह भी पढ़े – शानदार लुक के साथ Hero की इस दमदार बाइक ने मारी अपनी एंट्री, डिजाइन और फिचर्स देख उड़ जाएंगे होश!

किन औरतों को मिलती थी हरम में जगह?

शाही हरम में महिलाओं के कई समूह होते थे। इसमें शाही परिवार की महिलाएं, बादशाह की रखैल, उनका ध्यान रखने वाली महिलाएं और हरम की देखभाल करने वाली महिलाएं शामिल होती थीं। हरम की रौनक बढ़ाने के लिए महिलाओं को कई तरह से वहां तक पहुंचाया जाता था। हरम में सिर्फ महिलाये ही रहती थी और काम करने के लिए भी सिर्फ महिलाए।

जैसे- किसी महिला पर मुगल बादशाह का दिल आया तो उसे हरम का हिस्सा बना दिया जाता था। कुछ महिलाओं को दूसरे देशों से बंदी बनाकर लाया जाता था तो कुछ को बाजार से खरीद लिया जाता था। हरम में कुछ महिलाएं ऐसी भी थीं जो बादशाह को दूसरे राजाओं से तोहफे के तौर पर मिला करती थीं. हालांकि, बादशाह के बिस्तर तक कौन से कनीज पहुंचेगी, यह कई बातों पर निर्भर था। इसके लिए उसे खूबसूरत होने के साथ नृत्य में पारंगत होना अनिवार्य था।

यह भी पढ़े – SBI Amrit Kalash Scheme : SBI बैंक के ग्राहकों के लिए एक बड़ा मौका, मिलेगा बम्पर ऑफर, 31 दिसंबर लास्ट डेट

कैसी थी हरम की जिंदगी?

इतिहासकार लिखते हैं कि हरम में औरतों की जिंदगी के कई पहलू थे। शाही परिवार की महिलाओं के लिए हर दिन नए कपड़े आते थे। एक बार जो वो कपड़े पहन लेती थीं, उसे दोबारा नहीं पहनती थीं। उसे हरम की दासियों में बांट दिया जाता था। शाही परिवार की औरतों का जीवन राजसी होता था, वो दिन में फौव्वारों और रात में आतिशबाजी का आनंद उठाती थीं। किस्से-कहानियों में व्यस्त रहती थीं, तीरंदाजी करना और गजलों को सुनना उनका खास शौक हुआ करता था।

2 thoughts on “Mughal Harem: मुगल हरम में होते थे ऐसे खेल, बादशाह जमकर उठाते थे लुत्फ, यहां जानें”

Leave a Comment