Shattila Ekadashi 2024 Date: षटतिला एकादशी व्रत कब है? विष्णु पूजा का सही समय, मुहूर्त, पारण समय, और महत्व जानें

Shattila Ekadashi 2024 Kab Hai?: षटतिला एकादशी का व्रत माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर आयोजित होता है. केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र से हम जान सकते हैं कि षटतिला एकादशी का सही समय क्या है. इस व्रत का महत्व भी जानें।

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Shattila Ekadashi 2024

षटतिला एकादशी 2024 कब है? Shattila Ekadashi 2024 Kab Hai ?

हमारे भारतीय कैलेंडर (हिन्दू कैलेंडर) के अनुसार, माघ माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 5 फरवरी को शाम 05:24pm पर प्रारंभ होगी और 6 फरवरी को शाम 04:07pm पर समाप्त हो जाएगी। इस आधार पर, षटतिला एकादशी का व्रत 6 फरवरी, मंगलवार को रखा जाएगा।

षटतिला एकादशी 2024 पूजा मुहूर्त

6 फरवरी 2024 को षटतिला एकादशी के दिन, आप ब्रह्म मुहूर्त के साथ स्नान आदि करके अपना पूजा पाठ स्टार्ट कर सकते हैं। 6 फरवरी 2024, ब्रह्म मुहूर्त प्रातः 05:30 से प्रातः 06:21 तक रहेगा। आपको बता दे की 6 फरवरी 2024 को षटतिला एकादशी के दिन का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:30pm से दोपहर 01:15pm तक होगा। सुबह 10 बजकर 02 मिनट से दोपहर 02 बजकर 18 मिनट तक का समय शुभ माना जायेगा

Shattila Ekadashi 2024
Shattila Ekadashi 2024

षटतिला एकादशी 2024 योग ( Shattila Ekadashi 2024 )

षटतिला एकादशी के दिन, प्रातःकाल से लेकर सुबह 08:50am बजे तक व्याघात योग है, उसके बाद से हर्षण योग शुरू हो जायेगा है। इसके बाद, अलगे दिन 7 फरवरी को 06:09am तक हर्षण योग चलेगा। षटतिला एकादशी वाले दिन, प्रातःकाल से सुबह 07:35 बजे तक ज्येष्ठा नक्षत्र होता है, इसके बाद मूल नक्षत्र शुरू होता है।

षटतिला एकादशी व्रत के 5 महत्व

  1. षटतिला एकादशी का व्रत करने से भगवान साडी बुराईयों और पापो से छुटकारा देते है.
  2. भगवान विष्णु की कृपा से इंसान को अंत में वैकुंठ (भगवान का स्वर्ग) मिलता है.
  3. षटतिला एकादशी के दिन पानी में तिल डालकर स्नान करना सेहत के लिए फायदेमंद है.
  4. माघ माह में जो भी व्यक्ति गंगा या संगम में स्नान करता है, उसे भगवान विष्णु की कृपा मिलती है.
  5. षटतिला एकादशी पर जितना तिल दान करते हैं, उतने ही वर्षों तक स्वर्ग में रहने का सौभाग्य मिलता है.

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