बादशाह को खुश करने वाली लड़कियों को किस तरह मिलती थी हरम में एंट्री?

हरम में किसी भी लड़की की एंट्री आसानी से नहीं होती थी. मुगल बादशाह हों चीनी साम्राट तियानकी, सभी के दौर में इसके सख्त नियम थे.

हरम में एंट्री 

मुगलों के दौर में भारत आने वाले यात्रियों की दिलचस्पी हरम में रही है. खास बात है कि चीनी राजाओं और ओटोमन साम्राज्य में भी हरम की व्यवस्था थी. 

कई साम्राज्य में थे हरम 

आमतौर पर हरम में उन लड़कियों की एंट्री होती थी जो कुंवारी होती थीं. जिनका कोई न हो और ताउम्र रहने के लिए तैयार हों.

अविवाहित महिला 

हरम में एंट्री पाने की पहली शर्त यह होती थी कि उस लड़की या औरत को ताउम्र वहीं रहना पड़ेगा. वह बाहरी दुनिया के बारे में सोच नहीं सकती. 

पहली शर्त? 

खासतौर पर चीनी राजाओं के हरम का हिस्सा बनने से पहले लड़कियों की जांच की जाती थी कि उन्हें कोई बीमारी तो नहीं. 

यह भी जरूरी शर्त 

वहीं, चीनी राजवंश की बात करें तो यहां उन लड़कियों को हरम में एंट्री मिलती थे जो मंगोलियाई परिवारों से ताल्लुक रखती थीं.

मंगोलिया कनेक्शन  

चीनी राजाओं के हरम के लिए जिन लड़कियों का चुनाव होता था उन्हें जिनु कहा जाता था, इसका मतलब है खूबसूरत लड़कियां. 

कहलाती थीं जिनु