मुगल बादशाह रात को करते थे इन ओषधियों का इस्तेमाल

ऐसे नवाब और बादशाहों की संख्या बहुत अधिक रही है जो अपने हरम और रंगीनियत के लिए पहचाने गए। 

अपने इन शौक को पूरा करने के लिए इन्होंने तरह-तरह के वो नुस्खे अपनाए जो इन पर बुढापा न हावी होने दे और मर्दाना ताकत को बनाए रखे। 

ऐसा ही एक किस्सा दीवान जरमनी दास ने अपनी किताब ‘महाराजा’ में दर्ज किया है 

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ताकत को बढ़ाने के लिए कभी तीतर-बटेर खाते तो कभी शक्तिवर्धक दवाएं लेते थे. महाराजा हर वो कोशिश करते थे जो उन्हें कमजोर न साबित होने दे 

उनके खाने में गोश्त के साथ सूखे मेवे पेश किए जाते थे. इसके अलावा अदरक, खजूर, लहसुन और प्याज खिलाए जाते थे। 

गर्म तासीर वाली ये चीजें ताकत को बढ़ाती थीं. कुछ बादशाह तो ऐसे रहे हैं जो पान में हरताल वर्किया जड़ीबूटी मिलाकर खाते थे. 

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